राष्ट्रीय समाचार

1947 के विभाजन को लेकर योगी का बयान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश का विभाजन मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। विभाजन के दौरान करोड़ों हिंदुओं को अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन समुदाय के लोगों की जान गई, लेकिन उस समय पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हुई।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की लालसा इतनी बढ़ गई थी कि देश को बांट दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि उन घटनाओं से सीख लेना भी है।

कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना

कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए योगी ने कहा कि जो लोग 1947 में सत्ता हासिल करने के लिए देशहित से समझौता कर रहे थे, उनकी सोच आज भी नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल परीक्षा में पढ़ने वाला विषय नहीं माना जाना चाहिए। इतिहास से पुरानी गलतियों को समझकर भविष्य के लिए सीख लेने की जरूरत है।

योगी ने सवाल उठाया कि विभाजन की परिस्थितियां क्यों बनीं, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और दोषियों को कितनी सजा मिली। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर आज भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

शिवपाल यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने सपा नेता शिवपाल यादव के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात के बाद सपा सरकार बनने पर उन्हें गृहमंत्री बनाए जाने की बात कही थी।

योगी ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज भी सत्ता को परिवार की विरासत की तरह देखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी और राजनीतिक हितों के लिए देशहित को पीछे किया जाता है।

बांग्लादेश के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का जिक्र करते हुए योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटबैंक की राजनीति के कारण इन दलों ने ऐसे मामलों पर चुप्पी साधे रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के हितों की कीमत पर सत्ता हासिल करना सही राजनीति नहीं हो सकती। उन्होंने दावा किया कि समाज में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने वाली राजनीति से देश को नुकसान होता है।

इससे पहले लखनऊ में भाजपा की ओर से मौनव्रत पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें शामिल हुए और मास्क लगाकर पैदल चले। इसके बाद उन्होंने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।

 

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