तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने विधायकों और राज्य के विभिन्न वर्गों से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की। सभी विधायकों के लिए नई गाड़ियां देने, हर महीने एक लाख रुपए का भत्ता देने और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा कवर बढ़ाने का ऐलान किया गया।
घोषणाओं के बाद विधानसभा में टीवीके विधायक सिंधु ने गाना गाकर मुख्यमंत्री विजय का धन्यवाद किया। उन्होंने तमिल अभिनेता एमजीआर के लोकप्रिय गीत को गाकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
विधायकों को नई गाड़ियां और एक लाख रुपए भत्ता
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में सभी विधायकों के लिए नई गाड़ियां उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके साथ ही विधायकों को हर महीने एक लाख रुपए का भत्ता देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने से विधायक अपने क्षेत्र में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे और पारदर्शी तथा बेहतर शासन के लिए जिम्मेदारी के साथ काम करने में सक्षम होंगे।
स्वास्थ्य बीमा कवर पांच से बढ़कर 25 लाख रुपए
विजय ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भी बड़ी घोषणा की। योजना के तहत सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को पांच लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का ऐलान किया गया।
इसके अलावा ट्रांसजेंडर लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में मेडिकल और सर्जिकल इलाज की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अलावा तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, चेंगलपट्टू, तिरुवरूर, धर्मपुरी और कन्याकुमारी के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
दूध उत्पादकों के लिए भी घोषणा
राज्य सरकार की ओर से आविन के लिए दूध खरीद की कीमत बढ़ाने का फैसला किया गया है। दूध की खरीद कीमत 38 रुपए से बढ़ाकर 41 रुपए प्रति लीटर करने की घोषणा की गई।
सरकार के अनुसार इस फैसले से करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को फायदा होगा। कीमत बढ़ाने से राज्य सरकार पर हर साल करीब 360 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।
छात्रों के प्रदर्शन पर रोक वाला आदेश वापस
तमिलनाडु सरकार ने कॉलेज छात्रों के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने पर रोक लगाने वाले आदेश को वापस ले लिया है। कॉलेज शिक्षा संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी की ओर से बुधवार को जारी नए आदेश में 17 अगस्त को जारी पिछला सर्कुलर तत्काल प्रभाव से रद्द करने की जानकारी दी गई।
इससे पहले 14 अगस्त को अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों तथा युवाओं को कुछ राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों में शामिल होने से रोका जाए। इसके बाद 17 अगस्त को कॉलेज शिक्षा आयुक्त की ओर से सरकारी कला एवं विज्ञान कॉलेजों के प्राचार्यों को छात्रों को ऐसे आयोजनों से दूर रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए थे।
बाद में सरकार ने पिछला आदेश वापस लेने का फैसला किया।
विधानसभा में टीवीके और डीएमके विधायक आमने-सामने
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सड़क निर्माण से जुड़े कामों में कथित अनियमितताओं को लेकर टीवीके और डीएमके के विधायक आमने-सामने आ गए। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और सदन में हंगामे की स्थिति बनी।
इससे पहले मंगलवार को डीएमके विधायक ईवी वेलु और लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन के बीच भी बहस हुई थी। यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए जारी 5.54 करोड़ रुपए के टेंडर में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था।
एआईएडीएमके विधायकों ने किया वॉकआउट
विधानसभा में हंगामे के बीच एआईएडीएमके विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने कहा कि पार्टी जिस मुद्दे को उठाना चाहती है, उस पर गुरुवार को चर्चा की जाएगी।
एआईएडीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने स्पीकर से अपनी पार्टी की ओर से दिए गए नोटिस में उठाए गए मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
मछुआरे की मौत का मुद्दा भी उठा
विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मयिलादुथुराई में एक मछुआरे की मौत के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस घटना को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए और मामले में सरकार से जवाब देने की मांग की।
तमिलनाडु विधानसभा में एक ही दिन विधायकों की सुविधाओं, स्वास्थ्य बीमा, दूध उत्पादकों और ट्रांसजेंडर लोगों के इलाज से जुड़े कई फैसले सामने आए। वहीं छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े आदेश की वापसी और विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी चर्चा में रही।

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