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अंबाला में प्रदर्शन के बाद दो एफआईआर, HSGMC प्रधान झींडा भी नामजद


पुलिस ने 36 लोगों को नामजद किया, गैस टैंकर से छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप; झींडा ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल

अंबाला। सिख किसानों के प्रदर्शन के दौरान अंबाला में हुए विवाद के बाद पुलिस ने शुक्रवार को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। बलदेव नगर और पंजोखरा थाने में दर्ज मामलों में कुल 36 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इनमें हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह झींडा का नाम भी शामिल है।

प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। पुलिस ने जहां उपद्रव और गैस टैंकर से छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगाया है, वहीं झींडा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बातचीत चल रही थी और इसी दौरान लाठीचार्ज किया गया।

दो थानों में दर्ज हुए मामले

शुक्रवार को बलदेव नगर और पंजोखरा थाने में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने दोनों मामलों में 36 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया भी जारी है।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की गई। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

गैस टैंकर से छेड़छाड़ की साजिश का आरोप

पुलिस अधीक्षक की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान गैस टैंकर से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इसे पहले से की गई शरारत की साजिश का हिस्सा बताया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान किसकी क्या भूमिका रही।

झींडा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

HSGMC प्रधान बलजीत सिंह झींडा ने पुलिस के आरोपों पर अलग रुख रखा है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों से बातचीत चल रही थी। इसी बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया।

झींडा ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बातचीत के जरिए मामले को शांत किया जा सकता था। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों की ओर से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश की जा रही थी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति

अंबाला में हुए विवाद के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में नामजद लोगों की भूमिका और घटना के दौरान हुई गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदर्शन से जुड़े लोगों का पक्ष है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पुलिस कार्रवाई की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

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