दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार: दक्षिण कोरिया में गर्मी का कहर, अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ पर कानूनी लड़ाई और इथियोपिया में बड़ा हादसा
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।
दुनिया के अलग-अलग देशों से तीन बड़ी खबरें आ रही हैं। पहली खबर दक्षिण कोरिया से है जहाँ तापमान के पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं और भारी गर्मी के कारण लोगों की जान जा रही है। दूसरी खबर अमेरिका की है जहाँ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामान पर लगाए गए नए टैक्स के खिलाफ 25 राज्यों की सरकारों ने अदालत का रुख किया है। तीसरी खबर इथियोपिया की है जहाँ एक धार्मिक स्थान पर पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया है।
1. दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का प्रकोप: 100 साल में पहली बार तापमान 42.5 डिग्री पहुंचा, 16 लोगों की जान गई
दक्षिण कोरिया इस समय अपनी सबसे खतरनाक गर्मी के दौर से गुजर रहा है। देश के गृह मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 15 मई से 2 अगस्त के बीच 2 हजार 25 से अधिक लोग गर्मी और लू की वजह से बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार इस एक हफ्ते के भीतर तापमान का नया रिकॉर्ड तीन बार टूटा है। रविवार को यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया के मौसम इतिहास में यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।
तापमान का बढ़ता ग्राफ:
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पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले देश में सबसे ज्यादा गर्मी 1 अगस्त 2018 को पड़ी थी, जब तापमान 40.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
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31 जुलाई: इस दिन तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
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2 अगस्त: इसके ठीक दो दिन बाद तापमान और बढ़ा तथा पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
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3 अगस्त: रविवार के दिन यांगसान शहर में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
गर्मी का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, खेत में काम करने वाले मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ा है। सरकार ने पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और लगातार पानी पीते रहें।
2. अमेरिका में ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले पर शुरू हुआ बड़ा विवाद: 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी आयात पर लगाए गए नए टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के भीतर ही बड़ी कानूनी जंग शुरू हो गई है। देश के 25 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रपति के इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में चुनौती दी है। राज्यों ने अदालत से मांग की है कि ट्रम्प द्वारा लगाए गए इस नए टैक्स को गैर-कानूनी घोषित करके तुरंत रद्द किया जाए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जबरन मजदूरी यानी फोर्स्ड लेबर का हवाला देते हुए दुनिया के 60 देशों और अर्थशास्त्रियों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत तक का नया टैरिफ लागू किया है। अमेरिका में बाहर से आने वाले कुल सामान का लगभग 99.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं 60 देशों से आता है। इस फैसले की वजह से भारत समेत 17 देशों के सामान पर 10 प्रतिशत का नया शुल्क लगा दिया गया है।
राज्यों के विरोध की मुख्य वजहें:
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देश में महंगाई बढ़ने का डर: अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि अगर बाहर से आने वाले सामान पर इतना ज्यादा टैक्स लगाया जाएगा, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा। दुकानों में सामान महंगा हो जाएगा और आम नागरिकों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
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कानून के गलत इस्तेमाल का आरोप: न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और अन्य राज्यों के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत तरीका अपनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
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संवैधानिक नियम: राज्यों का तर्क है कि अमेरिका के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास अपनी मर्जी से किसी भी देश के सामान पर जब चाहे तब भारी टैक्स लगाने का अकेला अधिकार नहीं है। इसके लिए संसद और नियमों की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
इस कानूनी मामले के शुरू होने से अमेरिकी व्यापार जगत में भी हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारिक संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
3. इथियोपिया के प्रसिद्ध मठ में पहाड़ धंसने से हादसा: 14 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग मलबे में दबे
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया के अम्हारा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सोमवार के दिन इलाके में हुई तेज और लगातार बारिश के कारण एक बड़ा पहाड़ खिसक गया। इस भूस्खलन की चपेट में एक प्रसिद्ध मठ आ गया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी नाम के पवित्र स्थान पर हुआ। घटना के समय वहां सैकड़ों की संख्या में लोग एक धार्मिक रस्म के लिए इकट्ठे हुए थे। लोग वहां के पवित्र जल से स्नान करने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे थे।
मौके के हालात और राहत कार्य:
अम्हारा क्षेत्र के धार्मिक अधिकारी मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए ज्यादातर लोग दूर-दूर से पवित्र जल लेने आए थे। जब वे वहां प्रार्थना और रस्म निभा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।
मठ के आसपास मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर जमा हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के शवों को मठ परिसर के पास ही दफना दिया गया है, जबकि अन्य 3 लोगों के शवों को पहचान के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
इलाके में राहत और बचाव का काम जारी है। पुलिस और स्थानीय लोग मलबे को हटाने में लगे हुए हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग भी मिट्टी के नीचे दबे हो सकते हैं।

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