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RDVV में B.Com छात्रों को बांटा गलत प्रश्नपत्र, परीक्षा केंद्र पर हंगामा

 

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में बी.कॉम फर्स्ट ईयर की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शनिवार, 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा में छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित ‘बिजनेस इकोनॉमिक्स’ विषय के बजाय ‘बिजनेस इकोनॉमिक्स ऑब्जर्वेशनल बिहेवियर’ का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। प्रश्नपत्र देखते ही छात्रों में नाराजगी फैल गई और परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई।

सिलेबस के अनुसार तैयारी, परीक्षा में मिला अलग पेपर

छात्रों के मुताबिक उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर ‘बिजनेस इकोनॉमिक्स’ की तैयारी की थी। परीक्षा केंद्र पर जब प्रश्नपत्र वितरित किया गया तो उसमें विषय और पाठ्यक्रम को लेकर अंतर दिखाई दिया। छात्रों ने आपत्ति जताते हुए परीक्षा केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

छात्रों का कहना है कि जिस विषय की तैयारी उन्होंने की थी, उससे अलग प्रश्नपत्र आने के कारण वे परीक्षा में अपने ज्ञान और तैयारी के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके। इससे कई विद्यार्थियों के बीच यह चिंता भी पैदा हुई कि इस गलती का असर उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है।

RDVV से संबंधित उपलब्ध परीक्षा सामग्री में B.Com के अलग-अलग विषयों के प्रश्नपत्र दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि विषयवार प्रश्नपत्र परीक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

छात्रों ने जताई नाराजगी, विश्वविद्यालय में हंगामा

प्रश्नपत्र में गड़बड़ी की जानकारी फैलने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने नाराजगी जताई। विद्यार्थियों ने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा कराने में हुई गलती की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन तय करे और छात्रों को इसका नुकसान नहीं उठाना पड़े।

छात्रों का कहना था कि परीक्षा में प्रश्नपत्र की गलती उनकी ओर से नहीं हुई है। ऐसे में यदि गलत प्रश्नपत्र के कारण किसी विद्यार्थी के अंक कम होते हैं या परिणाम प्रभावित होता है, तो इसकी जिम्मेदारी छात्रों पर नहीं डाली जानी चाहिए।

कुलसचिव ने दिया छात्रों को आश्वासन

मामला बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया कि प्रश्नपत्र की इस गड़बड़ी का खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि इस मामले के कारण किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से छात्रों की चिंता दूर करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, गलत प्रश्नपत्र के मामले में आगे किस प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया जाएगा और सभी विद्यार्थियों को किस आधार पर राहत दी जाएगी, इसका विस्तृत निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिया जाना बाकी है।

छात्रों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में छात्रों की मुख्य चिंता परीक्षा परिणाम को लेकर है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि उन्हें निर्धारित विषय के बजाय अलग प्रश्नपत्र दिया गया, तो उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा। साथ ही यह भी सवाल है कि विश्वविद्यालय सभी प्रभावित विद्यार्थियों के लिए समान व्यवस्था कैसे सुनिश्चित करेगा।

विश्वविद्यालय के आधिकारिक परीक्षा पोर्टल पर अलग-अलग पाठ्यक्रमों के परीक्षा और परिणाम संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने विश्वविद्यालय की प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को सही विषय का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराना परीक्षा व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। ऐसे में एक विषय के स्थान पर दूसरे विषय का प्रश्नपत्र पहुंचने से पूरी प्रक्रिया की जांच की जरूरत महसूस हो रही है।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय को मामले की जांच कर यह पता लगाना चाहिए कि गलती प्रश्नपत्र तैयार करने के स्तर पर हुई, प्रिंटिंग में हुई या परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र भेजने के दौरान।

प्रशासन के फैसले पर टिकी छात्रों की नजर

फिलहाल छात्रों को कुलसचिव के आश्वासन से राहत जरूर मिली है, लेकिन उनकी नजर अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले निर्णय पर है। विद्यार्थियों की मांग है कि लिखित रूप से स्पष्ट किया जाए कि गलत प्रश्नपत्र के कारण उनके अंक, परीक्षा परिणाम या आगे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

मुख्य बातें:

  • घटना शनिवार, 22 अगस्त की B.Com फर्स्ट ईयर परीक्षा से जुड़ी है।
  • छात्रों के अनुसार ‘बिजनेस इकोनॉमिक्स’ की जगह अलग प्रश्नपत्र बांटा गया।
  • प्रश्नपत्र को लेकर परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने आपत्ति जताई।
  • छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया।
  • कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि किसी छात्र को फेल नहीं किया जाएगा।
  • अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अंतिम निर्णय और मूल्यांकन प्रक्रिया पर छात्रों की नजर है।

नोट: उपलब्ध ऑनलाइन स्रोतों में इस खास 22 अगस्त की घटना की स्वतंत्र विस्तृत पुष्टि सीमित मिली है। इसलिए ऊपर छात्रों के आरोप और कुलसचिव के कथित आश्वासन को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि RDVV के आधिकारिक पोर्टल से विश्वविद्यालय की परीक्षा/परिणाम व्यवस्था की जानकारी सत्यापित की गई है।

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