राष्ट्रीय समाचार

सीहोर में अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, नजदीकी स्कूल में समायोजित करने की मांग

सीहोर। गोहापुरा कस्बे के वार्ड क्रमांक 26 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला को करीब दो किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव का छात्रों और अभिभावकों ने विरोध किया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बच्चे अपने माता-पिता के साथ कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने स्कूल को नजदीकी विद्यालय में मर्ज करने की मांग रखी।

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि प्राथमिक कक्षा के छोटे बच्चों के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाना मुश्किल होगा। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने मौजूदा स्कूल को बंद कर दूर के विद्यालय में समायोजित करने के बजाय आसपास के किसी स्कूल में मर्ज करने की मांग की है।

बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे अभिभावक

शुक्रवार को छात्र अपने अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी अपनी समस्या बताई। अभिभावकों ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल की दूरी बढ़ने से छोटे बच्चों को रोजाना आने-जाने में परेशानी होगी।

अभिभावकों का कहना है कि कई परिवारों के लिए बच्चों को रोजाना दूर स्कूल छोड़ने और लाने की व्यवस्था करना आसान नहीं होगा। यदि स्कूल दूर किया गया तो कुछ बच्चों की पढ़ाई छूटने की आशंका है।

छात्रों ने जताई नाराजगी

स्कूल को दूर स्थान पर मर्ज किए जाने के प्रस्ताव को लेकर बच्चों में भी नाराजगी है। छात्रों ने कहा कि यदि उन्हें करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ा तो उनके लिए नियमित रूप से कक्षाओं में पहुंचना मुश्किल होगा। कुछ बच्चों ने पढ़ाई छोड़ने की बात भी कही।

अभिभावकों ने अधिकारियों से बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की है।

नजदीकी स्कूल में मर्ज करने की मांग

अभिभावकों ने मांग की है कि यदि मौजूदा स्कूल को किसी अन्य विद्यालय में मर्ज करना जरूरी है तो उसे करीब के स्कूल में समायोजित किया जाए। इससे बच्चों को अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उनकी पढ़ाई भी जारी रह सकेगी।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र कम होती है। ऐसे में उनके लिए लंबी दूरी तय करना परेशानी का कारण बन सकता है।

अधिकारियों से समाधान की उम्मीद

कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों ने अपनी मांग अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने स्कूल को दूर स्थान पर मर्ज करने के फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए स्कूल के संबंध में ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें आसानी से विद्यालय पहुंचने की सुविधा मिल सके।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)