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नागपंचमी पर जबलपुर में वन विभाग की कार्रवाई, 14 सांप रेस्क्यू और 12 सपेरे पकड़े गए


जबलपुर। नागपंचमी के अवसर पर सांपों के प्रदर्शन और उनके जरिए होने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जबलपुर वन मंडल ने विशेष अभियान चलाया। वन विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर कार्रवाई की। अभियान के दौरान 14 से अधिक सांपों को रेस्क्यू किया गया, जबकि 12 सपेरों को पकड़ा गया।

वन विभाग की कार्रवाई रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मदन महल और गौरीघाट सहित कई स्थानों पर की गई। अधिकारियों के अनुसार नागपंचमी के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर सांप लेकर घूमने और लोगों को उनका प्रदर्शन कराने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया था।

धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी

नागपंचमी के दिन बड़ी संख्या में लोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। इस दौरान कुछ लोग सांपों को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच जाते हैं और श्रद्धालुओं के सामने उनका प्रदर्शन करते हैं।

वन विभाग ने ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए पहले से निगरानी शुरू कर दी थी। टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मदन महल और गौरीघाट जैसे प्रमुख स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान सपेरों के कब्जे से सांप बरामद किए गए।

14 से अधिक सांपों का रेस्क्यू

अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने 14 से अधिक सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। आगे उनकी प्रजाति और स्वास्थ्य की जांच के बाद नियमानुसार सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की प्रक्रिया की जाएगी।

वन विभाग का उद्देश्य सांपों को मानव गतिविधियों से दूर रखते हुए उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

12 सपेरों को पकड़ा

कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने 12 सपेरों को पकड़ा। इनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

वन अधिकारियों के अनुसार वन्यजीवों को पकड़ना, रखना या उनका प्रदर्शन करना कानून के दायरे में आता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सांपों के साथ क्रूरता रोकने पर जोर

वन विभाग की कार्रवाई केवल सपेरों को पकड़ने तक सीमित नहीं रही। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया जाए।

नागपंचमी के दौरान कई जगहों पर धार्मिक आस्था के नाम पर सांपों को लोगों के सामने लाया जाता है। ऐसे में वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को अनावश्यक रूप से पकड़कर रखना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

शहर के कई हिस्सों में चला अभियान

वन विभाग ने नागपंचमी को देखते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में टीमें सक्रिय रखीं। धार्मिक स्थलों के साथ उन स्थानों पर भी निगरानी की गई, जहां लोगों की भीड़ अधिक रहती है।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी टीमों ने जांच की। मदन महल और गौरीघाट क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई।

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई

पकड़े गए सपेरों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। वन विभाग इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों को पकड़कर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करना कानूनन प्रतिबंधित गतिविधियों के दायरे में आ सकता है। इसलिए लोगों को भी ऐसे मामलों की सूचना वन विभाग को देने की अपील की गई है।

नागपंचमी पर बढ़ जाती है ऐसी गतिविधियां

नागपंचमी पर सांपों को लेकर लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी होती हैं। इसी कारण इस दिन सपेरों की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं। कई बार सपेरे सांपों को लेकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच जाते हैं।

इसी संभावना को देखते हुए जबलपुर वन मंडल ने विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई में 14 से अधिक सांपों को बचाया गया और 12 सपेरों को पकड़ा गया।

वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे सांपों को पकड़कर रखने, उनका प्रदर्शन कराने या उनके साथ किसी तरह की गतिविधि करने के बजाय इसकी सूचना संबंधित वन अधिकारियों को दें।

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