शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले की सुरक्षा व्यवस्था और पुरातात्विक धरोहर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किले की ऐतिहासिक कचहरी से 15-16 जुलाई की दरमियानी रात करीब 3.5 टन वजनी तोप चोरी हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका सुराग नहीं लग सका है। मामले की जांच में पुलिस की टीमें राजस्थान तक पहुंच चुकी हैं और संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी है।
बताया जा रहा है कि नरवर किले में कभी 26 तोपें मौजूद थीं, जिनमें से अब केवल 13 के आसपास ही होने की जानकारी सामने आ रही है। यानी किले से वर्षों के दौरान 13 तोपों के गायब होने का मामला सामने आया है। इतनी बड़ी संख्या में ऐतिहासिक तोपों के गायब होने से किले की सुरक्षा और वहां मौजूद धरोहरों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
3.5 टन की तोप को वाहन से ले जाने का संदेह
कचहरी परिसर से चोरी की गई तोप का वजन करीब 3.5 टन बताया जा रहा है। इतनी भारी तोप को उठाकर ले जाना संभव नहीं माना जा रहा, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वारदात में किसी भारी वाहन या विशेष उपकरण का इस्तेमाल किया गया होगा। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाले वाहन को जब्त किया है।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इतनी भारी ऐतिहासिक तोप को किले से बाहर निकालने में किन लोगों ने मदद की और उसे किस रास्ते से ले जाया गया। आसपास के मार्गों, संभावित ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
खजाने की तलाश में 20 फीट सुरंग खोदने का मामला
नरवर किले से जुड़ी एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि किले के आसपास कथित रूप से खजाने की तलाश में करीब 20 फीट लंबी सुरंग खोदी गई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि ऐतिहासिक स्थल पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चलती रही होंगी।
पुलिस और प्रशासन अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि सुरंग किस उद्देश्य से खोदी गई और इसके पीछे कौन लोग थे। किले में मौजूद ऐतिहासिक संरचनाओं और पुरानी धरोहरों को नुकसान पहुंचाने की आशंका को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
राजस्थान तक पहुंची जांच
तोप चोरी के मामले की जांच अब राजस्थान तक पहुंच गई है। पुलिस ने संभावित आरोपियों और संदिग्धों से पूछताछ की है। वारदात से जुड़े सुराग जुटाने के लिए संभावित ठिकानों पर जेसीबी की मदद से भी तलाश की गई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की गई तोप को कहां ले जाया गया और इसके पीछे किसका हाथ है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नरवर किले से पहले गायब हुई अन्य तोपों का क्या हुआ।
ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा पर सवाल
नरवर किला मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। ऐसे में किले से इतनी भारी तोप का चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक माना जा रहा है। अब 13 ऐतिहासिक तोपों के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले की गहन जांच की जरूरत और बढ़ गई है।
फिलहाल पुलिस चोरी हुई तोप की बरामदगी और वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही किले से गायब हुई अन्य तोपों और खजाने की तलाश में खोदी गई सुरंग से जुड़े रहस्यों से भी पर्दा उठने की उम्मीद है।

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