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एयरफोर्स परिसर पर पेट्रोल बम फेंकने का आरोप, आरोपी ने आईबी के सामने किए अजीब दावे


एयरफोर्स से जुड़े परिसर पर पेट्रोल बम फेंके जाने के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अलग-अलग किरदारों की तरह व्यवहार करता था और फिल्मी पात्रों की तरह अपनी पहचान बदलने की बात करता था।

मामले की जांच के दौरान आरोपी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के सामने भी कई असामान्य दावे किए। उसने कथित तौर पर कहा कि एयरफोर्स ने इंसानी दिमाग को नियंत्रित या हैक करने वाली कोई डिवाइस तैयार की है। जांच एजेंसियां उसके इन दावों की वास्तविकता और घटना से संबंध की पड़ताल कर रही हैं।

एयरफोर्स परिसर को बनाया निशाना

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने एयरफोर्स से जुड़े स्थान पर पेट्रोल से भरी बोतल या इसी तरह के ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल कर हमला करने की कोशिश की। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। यह भी जांच की जा रही है कि उसे पेट्रोल बम बनाने या इस्तेमाल करने की जानकारी कहां से मिली।

अलग-अलग किरदार में व्यवहार करने का दावा

जांच में सामने आया कि आरोपी का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह अलग-अलग किरदारों के रूप में खुद को पेश करता था। इसी वजह से उसके व्यवहार की तुलना फिल्म 'अपरिचित' के मुख्य पात्र से की जा रही है, जिसमें एक व्यक्ति के अलग-अलग व्यक्तित्व दिखाए गए हैं।

हालांकि आरोपी के व्यवहार के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

आईबी के सामने किए कई दावे

पूछताछ के दौरान आरोपी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने दावा किया कि एयरफोर्स ने इंसानी दिमाग को हैक करने वाली तकनीक या डिवाइस बनाई है। उसने इस कथित तकनीक को लेकर कई बातें कहीं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये दावे किसी वास्तविक जानकारी पर आधारित हैं या आरोपी की अपनी धारणा है।

मानसिक स्थिति की भी हो सकती है जांच

आरोपी के असामान्य व्यवहार और बयानों को देखते हुए उसकी मानसिक स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच एजेंसियां उसके पिछले रिकॉर्ड, गतिविधियों और घटना से पहले के व्यवहार की जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना के पीछे वास्तविक कारण और आरोपी की मंशा जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

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