रीवा। 19 अगस्त को आई बाढ़ के आठ दिन बाद भी गायत्री नगर में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। क्षेत्र के करीब 35 घरों में रहने वाले 200 से अधिक लोग अब भी जलभराव के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं। पानी की निकासी नहीं होने से घरों के आसपास लगातार पानी जमा है और रोजमर्रा की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। वहीं बीमार और बुजुर्ग लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को ट्यूब के सहारे पानी पार कराकर अस्पताल तक ले जाना पड़ता है।
घरों के आसपास अब भी भरा पानी
गायत्री नगर के रहवासी करीब एक सप्ताह से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। लगातार पानी जमा रहने के कारण लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गलियों में पानी भरा होने से पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों से निकलना भी संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाढ़ का पानी लंबे समय से जमा है। इससे घरों में रहने वाले परिवारों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
क्षेत्र में पानी भरा होने के कारण कई बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को जलभराव वाले रास्तों से स्कूल भेजना जोखिम भरा है।
लंबे समय से स्कूल नहीं जा पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिवारों को उम्मीद है कि जल्द पानी की निकासी कर रास्तों को आवागमन योग्य बनाया जाएगा।
मरीजों को ट्यूब के सहारे ले जाना पड़ रहा
जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बीमार, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना आसान नहीं है।
कई बार लोग ट्यूब या अन्य साधनों की मदद से पानी पार कर मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं। इसके बाद उन्हें वाहन से अस्पताल ले जाया जाता है। लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए तो समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो सकता है।
मदद मांगने पर धमकी मिलने का आरोप
स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए संबंधित लोगों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कथित तौर पर धमकी तक दी गई। इससे लोगों में नाराजगी है।
रहवासियों का कहना है कि वे कई दिनों से पानी की निकासी और राहत की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
35 घरों के लोग लगातार परेशान
गायत्री नगर में करीब 35 घरों में रहने वाले 200 से अधिक लोग जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं। परिवारों का कहना है कि लगातार पानी जमा रहने से घरों के आसपास गंदगी और असुविधा बढ़ रही है।
लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और अधिक कठिन बनी हुई है।
आठ दिन बाद भी राहत का इंतजार
19 अगस्त को आई बाढ़ के बाद एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गायत्री नगर में पानी पूरी तरह नहीं उतर सका है। स्थानीय लोग अब जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
रहवासियों का कहना है कि बाढ़ के दौरान पैदा हुई स्थिति अब लंबे समय तक जलभराव की समस्या में बदल गई है। जब तक पानी की निकासी नहीं होती, तब तक बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार और लोगों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित होती रहेगी।

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