भोंगानाला पुलिया के दोनों किनारे क्षतिग्रस्त, सड़क पर बने गड्ढों से बढ़ा दुर्घटना का खतरा; रोजाना गुजरते हैं सैकड़ों वाहन
खरगोन जिले के जामली क्षेत्र से गुजरने वाले भुसावल-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भोंगानाला पुलिया की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पुलिया के दोनों किनारे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और सड़क की सतह पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
मध्य प्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन आवागमन करते हैं। इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत और सड़क की स्थिति सुधारने को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
अतिक्रमण के बावजूद बना दिया गया मार्ग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराए जाने से पहले मार्ग की जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नहीं की गई। संबंधित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़क और पुलिया का निर्माण कर दिया गया। अब पुलिया के आसपास की संरचना प्रभावित होने से सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
पुलिया के दोनों किनारे टूटे
भोंगानाला पुलिया के दोनों ओर सड़क का किनारा कई जगह से कट गया है। बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। पुलिया के आसपास मिट्टी का कटाव होने के कारण सड़क का हिस्सा कमजोर दिखाई दे रहा है।
सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर इन गड्ढों का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।
रोजाना गुजरते हैं बड़ी संख्या में वाहन
भुसावल-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन यात्री वाहनों के साथ भारी मालवाहक वाहन भी गुजरते हैं। पुलिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से पर वाहन निकालते समय गति कम करनी पड़ती है। सामने से भारी वाहन आने पर स्थिति और जोखिमपूर्ण हो जाती है।
नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने के संबंध में संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी जमीन खाली कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का सवाल है कि यदि अतिक्रमण सड़क निर्माण में बाधा था तो उसे हटाए बिना काम किस आधार पर पूरा किया गया।
अब पुलिया की हालत खराब होने के बाद लोग जिम्मेदार विभागों से तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ पुलिया के दोनों किनारों को मजबूत किया जाए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके।
फिलहाल जामली क्षेत्र में भोंगानाला पुलिया की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। समय रहते मरम्मत और आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो सकती है।

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