राष्ट्रीय समाचार

लाइसेंस फीस वापसी के प्रस्ताव पर परिषद की मुहर, अब शासन की मंजूरी का इंतजार

भोपाल में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क को वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। लंबे समय से चैंबर ऑफ कॉमर्स की मांग और बुधवार को हुए विरोध के बाद नगर निगम परिषद ने लाइसेंस फीस वापस लेने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया। हालांकि, शुल्क की अंतिम वापसी अब शासन की मंजूरी पर निर्भर करेगी।

यह वही शुल्क व्यवस्था है, जिसे वर्ष 2022 में नगर निगम में निर्वाचित परिषद नहीं होने के दौरान प्रशासक के कार्यकाल में बदला गया था। इससे पहले शहर में करीब 288 प्रकार के कारोबार के लिए अलग-अलग निर्धारित दरें लागू थीं। बाद में हैदराबाद नगर निगम की व्यवस्था के आधार पर नई प्रणाली तैयार की गई।

नई व्यवस्था लागू करने से पहले तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर ने एक डिप्टी कमिश्नर, पांच जोनल अधिकारियों और सात वार्ड प्रभारियों को हैदराबाद भेजकर वहां की लाइसेंस फीस व्यवस्था का अध्ययन कराया था। इसके बाद जुलाई 2022 में स्थायी आदेश और अगस्त में संशोधित आदेश जारी किया गया।

नई व्यवस्था में सड़क की चौड़ाई के आधार पर लाइसेंस शुल्क की दर 4, 5 और 6 रुपए प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई थी। इसके साथ ही अधिकतम शुल्क की सीमा 50 हजार रुपए तय की गई थी। इसी व्यवस्था के तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शुल्क वसूला जा रहा था।

नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, परिषद बैठक की लिखित कार्यवाही अभी जारी होना बाकी है। प्रोसीडिंग्स प्राप्त होने के बाद प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। शासन की ओर से इस पर फैसला कब तक होगा, इसकी समय सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

परिषद की ओर से प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब शासन की मंजूरी सबसे अहम होगी। जब तक सरकार की ओर से स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक मौजूदा लाइसेंस शुल्क व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में व्यापारियों को फीस वापसी के लिए शासन के निर्णय का इंतजार करना होगा।

चैंबर की मांग के बाद प्रस्ताव एजेंडे में आया

व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। 21 अप्रैल 2023 को शासन ने इसी मॉडल के आधार पर पूरे प्रदेश में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क के नियम लागू किए थे। इसके चार दिन बाद 25 अप्रैल को सरकार ने इन नियमों को स्थगित कर दिया था। हालांकि, आदेश में पहले से लागू स्थानीय व्यवस्थाओं को जारी रखने की बात कही गई थी। इसी आधार पर भोपाल में लाइसेंस शुल्क की वसूली जारी रही।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल का कहना है कि व्यापारियों ने इस व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट का भी रुख किया था। उनके मुताबिक, जुलाई 2023 में अदालत ने नई दरों की वसूली पर अंतरिम रोक लगाई थी, लेकिन सितंबर में यह रोक हटा दी गई।

गोयल के अनुसार, व्यापारियों की मांग और विरोध के बाद नगर निगम परिषद ने लाइसेंस फीस वापस लेने के प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल किया और अब इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। हालांकि, 2022 में लागू हुई शुल्क व्यवस्था वास्तव में कब खत्म होगी, यह अब शासन की मंजूरी के बाद ही तय होगा।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)