राष्ट्रीय समाचार

राजस्थान PTI भर्ती में फर्जी और बैकडेट डिग्री का खुलासा, मध्य प्रदेश की यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत 3 गिरफ्तार

भोपाल। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी और बैकडेट बीपीएड डिग्री के मामले में राजस्थान एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान सीहोर की एक यूनिवर्सिटी से जारी बताई जा रही संदिग्ध डिग्रियों का मामला सामने आया। इसके बाद एसओजी ने यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन डिग्रियों को किस तरह तैयार किया गया और भर्ती परीक्षा में चयन के लिए इनका इस्तेमाल कैसे किया गया।

66 अभ्यर्थियों की डिग्री संदेह के घेरे में

मामले की जांच में 66 अभ्यर्थियों की बीपीएड डिग्रियां संदेह के घेरे में आई हैं। एसओजी इन सभी डिग्रियों से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य बिंदु यह है कि डिग्रियां वास्तविक रूप से निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी हुई थीं या उन्हें बाद की तारीख में तैयार कर पुराने समय की तारीख दर्शाई गई।

भर्ती में डिग्री के आधार पर पात्रता

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पीटीआई भर्ती में शारीरिक शिक्षा से संबंधित शैक्षणिक योग्यता जरूरी थी। इसी के लिए बीपीएड डिग्री को पात्रता के तौर पर इस्तेमाल किया गया।

जांच में जब कुछ डिग्रियों और उनसे जुड़े रिकॉर्ड पर संदेह हुआ, तो मामला राजस्थान एसओजी तक पहुंचा। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की गई।

कुलपति समेत तीन लोगों पर कार्रवाई

राजस्थान एसओजी ने मामले में सीहोर स्थित यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से डिग्री जारी करने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों से संपर्क सहित अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर फर्जी या बैकडेट डिग्री तैयार करने में और कौन लोग शामिल थे।

राजस्थान से मध्य प्रदेश तक जुड़ रहे तार

मामले में राजस्थान की भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आई संदिग्ध डिग्रियों का संबंध मध्य प्रदेश की यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। इससे जांच का दायरा राजस्थान से बढ़कर मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है।

एसओजी अब यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड, डिग्री जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

आगे और कार्रवाई की संभावना

66 अभ्यर्थियों की डिग्रियां संदेह के घेरे में होने के कारण जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और लोगों से पूछताछ या कार्रवाई की संभावना है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी डिग्रियां फर्जी थीं, कितनी डिग्रियां कथित तौर पर बैकडेट में तैयार की गईं और भर्ती में इनका इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कितनी है।

✍️ प्रतिक्रिया दें (Leave a Comment)