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रक्षाबंधन के अगले दिन जनविश्वास अभियान, बालाघाट में रहेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव

 

भोपाल। रक्षाबंधन के अगले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जनविश्वास अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत मुख्यमंत्री बालाघाट में रहेंगे और जिले में संचालित आवासीय विद्यालय, आश्रम तथा छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों और संबंधित लोगों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अभियान को लेकर सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अभियान के दौरान अधिकारियों को भी अपने-अपने स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और अन्य संबंधित परिसरों का निरीक्षण करने तथा वहां रहने वाले विद्यार्थियों से संवाद करने के लिए कहा गया है।

बालाघाट में व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट प्रवास के दौरान आवासीय विद्यालय, आश्रम और छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन, आवास, स्वच्छता, शिक्षा और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी लेंगे। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों से संवाद के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उन्हें वास्तविक रूप से मिल रहा है या नहीं।

अधिकारियों को भी निरीक्षण के निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान से जोड़ने की तैयारी की है। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों के साथ संभागायुक्त और कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों में निरीक्षण और संवाद की जिम्मेदारी दी जाएगी।

जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य केवल संस्थानों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि वहां की वास्तविक स्थिति को समझना और आवश्यक सुधार के लिए तत्काल कदम उठाना है।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद पर जोर

जनविश्वास अभियान में विद्यार्थियों से संवाद को विशेष महत्व दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रावास और आवासीय संस्थानों में रहने वाले बच्चों से सीधे बातचीत करें। उनसे भोजन की गुणवत्ता, रहने की व्यवस्था, पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली जाए।

इस दौरान विद्यार्थियों की ओर से सामने आने वाली समस्याओं को दर्ज कर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से लंबित शिकायतों और व्यवस्थागत कमियों की भी पहचान की जा सकती है।

सरकारी संस्थानों की जमीनी स्थिति जानने का प्रयास

अभियान के माध्यम से सरकार की योजनाओं और संस्थानों की जमीनी स्थिति का आकलन किया जाएगा। कागजी अभिलेखों में व्यवस्थाएं पूरी होने के बावजूद यदि वास्तविक स्तर पर कोई कमी है तो उसे सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान भवनों की स्थिति, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, भोजन, शैक्षणिक संसाधन और विद्यार्थियों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों को सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं।

कैबिनेट बैठक के बाद जारी हुए निर्देश

मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को अभियान के संबंध में आवश्यक जानकारी और निर्देश भेजे।

अभियान को व्यापक रूप देने के लिए प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारियों को इसमें शामिल किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अधिकारी संस्थानों का निरीक्षण कर वहां की स्थिति की जानकारी शासन तक पहुंचाएंगे।

अभियान का उद्देश्य जनता से सीधा जुड़ाव

जनविश्वास अभियान के माध्यम से शासन और आम लोगों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के संस्थानों तक पहुंचने और लोगों से सीधे बातचीत करने से स्थानीय समस्याओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री के बालाघाट प्रवास के दौरान होने वाले निरीक्षण और संवाद को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। रक्षाबंधन के अगले दिन होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारी भी सक्रिय रहेंगे।

बालाघाट में मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद सामने आने वाली कमियों और समस्याओं के आधार पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। अभियान के माध्यम से सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और लाभार्थियों का शासन पर भरोसा मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

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