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भोपाल से जबलपुर 3 और रायपुर 7 घंटे में पहुंचेंगे, प्रदेश में बन रहे चार बड़े कॉरिडोर

 

मध्य प्रदेश में सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है। अगले दो वर्षों में भोपाल को केंद्र मानकर चार बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। इनके तैयार होने के बाद भोपाल से जबलपुर और रायपुर की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

वर्तमान में भोपाल से जबलपुर पहुंचने में करीब 6 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह दूरी लगभग 3 घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह भोपाल से रायपुर जाने में लगने वाला समय करीब 15 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे रह जाने की उम्मीद है।

चार प्रमुख कॉरिडोर से बदलेगा आवागमन

भोपाल को केंद्र मानकर तैयार किए जा रहे इन कॉरिडोर का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों और आसपास के राज्यों के बीच संपर्क बेहतर करना है। बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है।

कॉरिडोर बनने के बाद भोपाल से जबलपुर, रायपुर और अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों, औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

सिंहस्थ से पहले काम में तेजी

राज्य में बड़े सड़क प्रोजेक्ट को सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद करेगा।

कॉरिडोर के जरिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले वाहनों के लिए बेहतर और तेज मार्ग उपलब्ध कराने की योजना है।

2028 के चुनाव से पहले दिख सकता है असर

इन परियोजनाओं का असर 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले जमीन पर दिखाई देने की उम्मीद है। सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी में सुधार से भोपाल के साथ प्रदेश के कई जिलों को लाभ मिल सकता है।

बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय घटने के साथ ईंधन और परिवहन लागत में भी कमी आने की संभावना है।

व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा फायदा

इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्देश्य केवल यात्रा को तेज करना नहीं है। इनके आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से सामान की आवाजाही आसान होगी और नए कारोबार के लिए अवसर बन सकते हैं।

भोपाल को केंद्र में रखकर विकसित होने वाला यह नेटवर्क प्रदेश को दूसरे राज्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। परियोजनाएं समय पर पूरी होने के बाद आने वाले वर्षों में सड़क परिवहन की तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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