प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में चिह्नित 38,490 भूमिहीन परिवारों में से 36,890 परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है।
इस तरह प्रदेश में 95.84 प्रतिशत यानी करीब 96 प्रतिशत भूमिहीन परिवारों को अपना घर बनाने के लिए जमीन मिल चुकी है। प्रतिशत के आधार पर मध्य प्रदेश से आगे केवल छत्तीसगढ़ है, जहां 99.81 प्रतिशत भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई गई है। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में दिए जवाब में दी।
1,600 परिवारों को अभी जमीन का इंतजार
मध्य प्रदेश में कुल 38,490 ग्रामीण भूमिहीन परिवार पात्र के रूप में चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 36,890 परिवारों को भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 1,600 परिवारों के लिए जमीन उपलब्ध कराना बाकी है।
इस हिसाब से प्रदेश के 95.84 प्रतिशत परिवारों को जमीन मिल चुकी है और 4.16 प्रतिशत परिवार अभी भूमि मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
परिवारों की संख्या में प्रदेश चौथे स्थान पर
भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने वाली कुल संख्या के मामले में मध्य प्रदेश 36,890 परिवारों के साथ देश में चौथे स्थान पर है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 1,21,202, राजस्थान में 63,925 और असम में 41,202 भूमिहीन परिवारों को जमीन दी गई है।
हालांकि, कुल चिह्नित परिवारों की तुलना में जमीन उपलब्ध कराने के प्रतिशत के आधार पर मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
प्रदेश में 57.74 लाख आवास का लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मध्य प्रदेश में कुल 57,74,572 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 54,18,955 आवासों को मंजूरी दी गई और 43,78,398 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
लक्ष्य के मुकाबले 13,96,174 आवास अभी पूरे नहीं हुए हैं। यह आंकड़ा योजना के तहत निर्धारित कुल आवासों का है। इसे केवल भूमिहीन परिवारों के लिए बनाए जा रहे घरों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
देश में 5.62 लाख भूमिहीन परिवार पात्र
6 अगस्त 2026 तक देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 5,61,919 यानी करीब 5.62 लाख भूमिहीन परिवार पात्र पाए गए हैं। इनमें से 3,26,183 परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 2,35,736 परिवारों के लिए भूमि उपलब्ध कराना बाकी है।
मार्च 2029 तक दो करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य
सरकार ने योजना के दूसरे चरण में मार्च 2029 तक अतिरिक्त दो करोड़ आवास बनाने को मंजूरी दी है। निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए राज्यों को समयबद्ध लक्ष्य और पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने के साथ नियमित समीक्षा की जा रही है।
योजना की प्रगति पर डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी, कार्यशालाओं का आयोजन और ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।

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