दतिया। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सिंधवारी गांव की क्षतिग्रस्त पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा है। पुलिया के जलमग्न होने के कारण आसपास के कई गांवों का दतिया से संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता बंद होने से रोजमर्रा की जरूरतों के साथ जरूरी कामों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि पुलिया पहले से ही क्षतिग्रस्त हालत में थी, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। लगातार बारिश के कारण पुलिया पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इसके और क्षतिग्रस्त होने या ढहने की आशंका बनी हुई है।
इन गांवों का संपर्क प्रभावित
पुलिया के ऊपर पानी आने के बाद सिंधवारी, चिरौली, रांव, सुकैटा, देवपुरा, रजौरा, नयागांव, गदारी और कुरैठा सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांवों का दतिया से संपर्क टूट गया है।
इन गांवों के लोगों को दतिया आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। पुलिया पर पानी का बहाव तेज होने के कारण ग्रामीणों के लिए रास्ता पार करना जोखिम भरा हो गया है।
मरम्मत नहीं होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया पहले से क्षतिग्रस्त थी और इसकी मरम्मत की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक सुधार कार्य नहीं कराया गया। अब बारिश के कारण हालात और गंभीर हो गए हैं।
पुलिया पर लगातार पानी का दबाव बना रहने से इसके ढहने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि पुलिया को नुकसान पहुंचता है तो आसपास के गांवों के लिए आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है असर
गांवों का संपर्क टूटने से ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार, सरकारी कार्यालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए दतिया पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश के दौरान किसी आपात स्थिति में मरीजों या जरूरतमंद लोगों को बाहर ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ग्रामीणों ने जल्द समाधान की मांग की
पुलिया की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कराने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त पुलिया की जल्द मरम्मत या आवश्यकतानुसार वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है।
फिलहाल लगातार बारिश के बीच करीब एक दर्जन गांवों का दतिया से संपर्क प्रभावित है। पानी कम होने और पुलिया की स्थिति सामान्य होने तक ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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