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वैभव सूर्यवंशी के टेस्ट खेलने की चर्चा पर रहाणे का बड़ा बयान: बोले- 'युवा खिलाड़ी पर दबाव न बनाएं, आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में बहुत फर्क है'


भारत के पूर्व अनुभवी और दिग्गज क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने 15 साल के उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के टेस्ट करियर को लेकर चल रही देशव्यापी चर्चाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। रहाणे का मानना है कि इतनी छोटी सी उम्र में वैभव के टेस्ट क्रिकेट खेलने या उनके भविष्य को लेकर कोई भी राय बनाना बेहद जल्दबाजी होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना और देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना दो पूरी तरह से अलग चुनौतियां है
रहाणे ने मशहूर 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट के दौरान दुनिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों डेविड लॉयड, फिल टफनेल, एलिस्टेयर कुक और माइकल वॉन से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस समय मीडिया और क्रिकेट फैंस को वैभव पर किसी भी तरह का अनचाहा दबाव नहीं बनाना चाहिए, बल्कि उन्हें बिना किसी मानसिक बोझ के खुलकर अपना स्वाभाविक खेल खेलने के अवसर मिलने चाहिए।


 

उल्लेखनीय है कि अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई को ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास का आधिकारिक ऐलान किया था। भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मुकाबले खेल चुके रहाणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो संदेश साझा करके इस फैसले की जानकारी दी थी।


 

रहाणे बोले- आईपीएल में रन बनाना आसान, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अलग चुनौती


पॉडकास्ट में जब पूर्व दिग्गजों ने रहाणे से पूछा कि क्या वैभव जल्द ही भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा बन सकते हैं, तो उन्होंने बहुत ही परिपक्व जवाब दिया।

बातचीत के दौरान रहाणे की मुख्य बातें:

  • दबाव का अंतर: रहाणे ने कहा, "मैं इस युवा खिलाड़ी पर कोई दबाव नहीं डालना चाहता क्योंकि लोग पहले से ही उनके बारे में काफी चर्चाएं कर रहे हैं। उन्होंने अभी तक केवल दो आईपीएल सीजन ही खेले हैं। आईपीएल में 4 से 5 ओवरों के अंदर 70 रन बनाना या तेजी से रन बनाना फिर भी आसान हो सकता है, लेकिन जब आप अपने देश की जर्सी पहनकर खेलते हैं तो दबाव का स्तर बिल्कुल अलग होता है।"

     

  • अनुभव की आवश्यकता: रहाणे ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में उसी लक्ष्य को हासिल करना एक कठिन और पूरी तरह अलग चुनौती होती है। इसलिए एक युवा प्रतिभा को अलग-अलग फॉर्मेट और परिस्थितियों में ढलने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहि

     

इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती असफलता के बाद जिम्बाब्वे में वैभव ने की ऐतिहासिक वापसी


वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में अपने पदार्पण (डेब्यू) मैच में उतरने वाले वैभव उस सीरीज के तीन मुकाबलों में सिर्फ 42 रन ही बना सके थे।


 

हालांकि, इस युवा खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और जिम्बाब्वे दौरे पर जबरदस्त लय हासिल करते हुए आलोचकों को अपने बल्ले से जवाब दिया:

  1. पहला टी-20 मैच: जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने महज 19 गेंदों में तूफानी अर्धशतक ठोक

     

  2. दूसरा टी-20 मैच: दूसरे मुकाबले में उन्होंने 20 रनों का उपयोगी योगदान दिया।


     

  3. तीसरा टी-20 मैच: सीरीज के निर्णायक और आखिरी मैच में उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेली।


     

  4. प्लेयर ऑफ द सीरीज: इस पूरी सीरीज में 151 रन बनाकर निरंतर प्रदर्शन करने के दम पर उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया।


     

आईसीसी टी-20 रैंकिंग: करियर में पहली बार दुनिया के टॉप-50 में पहुंची जगह


जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का सीधा फायदा वैभव सूर्यवंशी को आईसीसी (ICC) द्वारा जारी ताजा टी-20 रैंकिंग में देखने को मिला है:

 

  • 230 पायदान की लंबी छलांग: वैभव ने पुरुषों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में एक साथ 230 स्थानों की भारी छलांग लगाई।


     

  • 48वें स्थान पर पहुंचे: वे 536 रेटिंग अंकों के साथ अब दुनिया के 48वें नंबर के टी-20 बल्लेबाज बन चुके हैं। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में पहला मौका है जब वे दुनिया के शीर्ष 50 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हुए हैं

     

दो बार की विश्व विजेता टीम के लिए वनडे विश्व कप 2027 का सफर कठिन

इसी बीच खेल जगत से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। दो बार की वनडे विश्व चैंपियन रही वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए वर्ष 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई करना बेहद मुश्किल लग रहा है।


 

क्वालिफिकेशन में आ रही दिक्कतों के 5 प्रमुख कारण:


 

  • टी-20 पर अधिक ध्यान: फ्रेंचाइजी आधारित टी-20 लीग्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों का ध्यान वनडे क्रिकेट से हटता चला गया।

  • कमजोर घरेलू ढांचा: वेस्टइंडीज में फर्स्ट-क्लास और डोमेस्टिक वनडे स्ट्रक्चर की स्थिति काफी कमजोर रही है।

  • निचली रैंकिंग: वर्तमान में वेस्टइंडीज की टीम आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर खिसक चुकी है।


     

  • कट-ऑफ डेट का दबाव: सीधे क्वालिफाई करने की अंतिम तारीख से पहले टीम को अपनी रैंकिंग में बड़ा सुधार करना होगा।


     

  • कठिन मुकाबले: कट-ऑफ डेट से पहले वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ दो बेहद महत्वपूर्ण वनडे मैच खेलने हैं, जो उनके क्वालिफिकेशन के लिहाज से करो या मरो वाले साबित होंगे।

क्या आपको लगता है कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में उतारने से पहले घरेलू क्रिकेट में और परिपक्व होने का मौका दिया जाना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दर्ज करें!

 

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