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बीसीसीआई के टाइटल स्पॉन्सर की दौड़ में जेमिनी, स्पिनी और एसबीआई लाइफ: प्रति मैच 4.85 करोड़ रुपए आधार मूल्य, दो साल में 35 घरेलू मुकाबलों के अधिकार


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नए टाइटल स्पॉन्सर को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। तय समयसीमा तक बोर्ड को ऐसी बोली नहीं मिली, जो उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप हो। इसके बाद बीसीसीआई ने संभावित कंपनियों से सीधे बातचीत शुरू कर दी है।

टाइटल स्पॉन्सरशिप की दौड़ में गूगल का एआई ब्रांड जेमिनी, स्पिनी और एसबीआई लाइफ के नाम सामने आए हैं। बोर्ड की कोशिश है कि सितंबर में शुरू होने वाले घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र से पहले नए प्रायोजक के साथ समझौता पूरा कर लिया जाए।

बीसीसीआई ने बोली जमा करने की अंतिम तारीख 13 अगस्त तय की थी। रिपोर्ट के अनुसार, या तो बोर्ड को कोई बोली नहीं मिली या प्राप्त प्रस्ताव उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं था। अब बोर्ड सीधे संभावित कंपनियों से बातचीत के जरिए समझौते की राह तलाश रहा है।

प्रति मुकाबला 4.85 करोड़ रुपए रखा गया आधार मूल्य

बीसीसीआई ने नए टाइटल स्पॉन्सर के लिए प्रति अंतरराष्ट्रीय घरेलू मुकाबले का आधार मूल्य 4.85 करोड़ रुपए तय किया है। यह मौजूदा समझौते के मुकाबले करीब 15.5 प्रतिशत अधिक है।

फिलहाल आईडीएफसी फर्स्ट बैंक टाइटल स्पॉन्सर है। बैंक भारत में खेले जाने वाले प्रत्येक घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए बीसीसीआई को 4.2 करोड़ रुपए देता है। तीन साल पहले बैंक ने ये अधिकार हासिल किए थे।

इस बार बोर्ड ने टाइटल स्पॉन्सरशिप के अधिकार दो साल के लिए रखने का फैसला किया है। नया समझौता 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगा।

दो साल में करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले

नए समझौते की अवधि में भारत में करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जाने की संभावना है। इनमें 10 टेस्ट, 12 एकदिवसीय और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हो सकते हैं।

इस लिहाज से नए प्रायोजक को भारतीय क्रिकेट के घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र के दौरान लंबे समय तक ब्रांड प्रचार का अवसर मिलेगा। बीसीसीआई को भी आधार मूल्य से अधिक बोली मिलने पर अपनी आय बढ़ाने का मौका रहेगा।

आधार मूल्य पर समझौता हुआ तो करीब 171 करोड़ रुपए मिलेंगे

पिछले समझौते के दौरान भारत में कुल 55 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए थे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने इन अधिकारों के लिए करीब 231 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

अगर नया प्रायोजक 4.85 करोड़ रुपए प्रति मुकाबले के आधार मूल्य पर समझौता करता है और करीब 35 मुकाबले खेले जाते हैं, तो बीसीसीआई को लगभग 171 करोड़ रुपए की आय हो सकती है।

हालांकि यदि कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और इससे अधिक राशि की बोली आती है, तो बोर्ड की कमाई भी बढ़ जाएगी।

सितंबर से शुरू होगा घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र

भारत में नए घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र की शुरुआत 27 सितंबर से होने की उम्मीद है। इसी दिन वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आएगी।

इससे पहले सितंबर के मध्य में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबलों की टी20 श्रृंखला भी प्रस्तावित है। हालांकि इन मुकाबलों को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू मुकाबले माना जाएगा।

बीसीसीआई के लिए नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। बोर्ड की कोशिश होगी कि सत्र शुरू होने से पहले प्रायोजन समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाए।

जेमिनी और एसबीआई लाइफ पर नजर

टाइटल स्पॉन्सर की दौड़ में जेमिनी और एसबीआई लाइफ जैसे बड़े नाम सामने आने से इस अधिकार को लेकर बाजार में दिलचस्पी बढ़ गई है। स्पिनी का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है।

अब देखना होगा कि बीसीसीआई सीधे बातचीत के जरिए किस कंपनी के साथ समझौता करता है और अंतिम प्रायोजन राशि कितनी तय होती है। बोर्ड के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य बेहतर मूल्य पर दो साल के अधिकारों को बेचना होगा।

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